Cabinet Meeting: पश्चिम एशिया में जारी तनाव, तेल संकट, संभाव

Cabinet Meeting: पश्चिम एशिया में जारी तनाव, तेल संकट, संभाव


Cabinet Meeting:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को अपने पूरे मंत्री परिषद के साथ अहम बैठक करने जा रहे हैं। इस बैठक को कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों को दिल्ली में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में पीएम मोदी पांच देशों के दौरे से लौटे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय हालात और देश पर उसके असर को लेकर चर्चा हो सकती है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी ने अब तक बैठक के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

शाम 4 बजे होगी बैठक

प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में यह बैठक शाम 4 बजे सेवा तीर्थ में आयोजित होगी। इसमें सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री शामिल होंगे। इस साल मंत्री परिषद की यह पहली बड़ी बैठक मानी जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि बैठक में कैबिनेट विस्तार और मंत्रिमंडल में फेरबदल पर बात हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार कुछ मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा कर रही है और आने वाले समय में बदलाव संभव हैं।

तेल संकट और बढ़ती कीमतों पर चिंता

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर दुनिया भर के तेल बाजार पर दिखाई देने लगा है। भारत में भी बीते कुछ दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दो बार बढ़ोतरी हो चुकी है। इसी वजह से तेल संकट की आशंकाओं को लेकर सरकार सतर्क नजर आ रही है। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी पहले ही लोगों से जरूरत पड़ने पर वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्लास जैसी व्यवस्था अपनाने की अपील कर चुके हैं। उन्होंने अपने काफिले में शामिल गाड़ियों की संख्या भी कम कर दी थी, ताकि ईंधन की बचत हो सके।

सरकार कर रही हालात की समीक्षा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बैठक में पश्चिम एशिया के हालात और भारत पर उसके आर्थिक असर की समीक्षा की जा सकती है। सरकार पहले ही एक हाई पावर ग्रुप बना चुकी है, जिसकी जिम्मेदारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, ऊर्जा, कृषि, उर्वरक, विमानन, जहाजरानी और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों पर विशेष चर्चा हो सकती है। सरकार चाहती है कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी कम से कम हो और जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।

कैबिनेट विस्तार की अटकलें तेज

राजनीतिक हलकों में कैबिनेट विस्तार को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि जून के दूसरे सप्ताह में मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकता है। हालांकि भाजपा की ओर से इस पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बैठक में सरकारी योजनाओं की प्रगति और उन्हें बेहतर तरीके से लागू करने पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकार की कोशिश है कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बीच भी विकास और जनहित के काम प्रभावित न हों।



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