हरिद्वार के श्यामपुर जंगल में दो बाघों का बेरहमी से शिकार, पैर काटकर फरार हुए आरोपी – Doon Horizon

हरिद्वार के श्यामपुर जंगल में दो बाघों का बेरहमी से शिकार, पैर काटकर फरार हुए आरोपी – Doon Horizon


उत्तराखंड के हरिद्वार वन प्रभाग के तहत आने वाली श्यामपुर रेंज में शिकारियों ने जहर देकर दो बाघों की जान ले ली और उनके पैर काट दिए। वन विभाग ने इस मामले में एक आरोपी वन गुज्जर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीन अन्य फरार आरोपियों और शावकों की मां (बाघिन) की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।

हरिद्वार, 20 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के हरिद्वार वन प्रभाग से वन्यजीव अपराध का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। श्यामपुर रेंज के जंगलों में शिकारियों ने दो साल के एक नर और एक मादा बाघ को जहर देकर मार डाला। वन्यजीव तस्करों ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए मृत बाघों के पैर भी काट लिए।

वन विभाग की टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी वन गुज्जर को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं। इस घटना के बाद से पूरे वन महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

भैंस के मांस में जहर मिलाकर किया शिकार

हरिद्वार वन प्रभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब साढ़े छह बजे सजनपुर बीट के कम्पार्टमेंट संख्या-09 में रूटीन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। इसी दौरान वनकर्मियों को एक बाघ का शव दिखाई दिया। घटनास्थल के पास ही एक मृत भैंस भी पड़ी हुई मिली।

प्रारंभिक जांच और कड़ियों को जोड़ने पर पता चला कि आरोपियों ने मृत भैंस के मांस पर कोई जहरीला पदार्थ छिड़का था। इस मांस को खाने के बाद ही बाघ की मौत हुई। इसके बाद आरोपियों ने तस्करी के उद्देश्य से बाघ के चारों पैर काट दिए और शव को वहीं छोड़कर चले गए।

150 मीटर की दूरी पर मिला दूसरी मादा बाघ का शव

हरिद्वार के डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि विभाग ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए श्यामपुर स्थित गुज्जर डेरा निवासी आलम उर्फ फम्मी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो मंगलवार शाम को घटनास्थल से महज 150 मीटर की दूरी पर एक और मादा बाघ का शव बरामद हुआ। इस दूसरे बाघ के पैर भी कटे हुए पाए गए।

वन विभाग के मुताबिक, मारे गए दोनों बाघ करीब दो वर्ष के थे और वे एक ही बाघिन के बच्चे थे। मौके पर बाघों के दांत और खाल सुरक्षित मिले हैं। इस वारदात में शामिल तीन अन्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां, आशिक और जुप्पी निवासी गुर्जर बस्ती (श्यामपुर) फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

सुरक्षा के घेरे में जंगल, लापता बाघिन की खोज जारी

दो शावकों के शिकार के बाद अब हरिद्वार वन प्रभाग और राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन की चिंता उनकी मां (बाघिन) को लेकर बढ़ गई है। शिकार के शिकार हुए दोनों शावक अभी पूरी तरह आत्मनिर्भर नहीं हुए थे, जिससे अनुमान है कि बाघिन भी इसी क्षेत्र के आसपास मौजूद है।

बाघिन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए श्यामपुर, चीला और रवासन क्षेत्र के संवेदनशील जंगलों में 10 विशेष कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। इसके साथ ही करीब 50 वनकर्मियों और अधिकारियों की अलग-अलग टीमें लगातार गश्त और सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

राजाजी रिजर्व का चीला क्षेत्र है सबसे संवेदनशील

भौगोलिक दृष्टि से राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज सीधे श्यामपुर क्षेत्र से सटी हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राजाजी रिजर्व के कुल 51 बाघों में से लगभग 70 प्रतिशत बाघ अकेले चीला रेंज और उसके आसपास के जंगलों में विचरण करते हैं।

हरिद्वार वन प्रभाग के इन इलाकों में आने वाले बाघ अक्सर इसी कॉरिडोर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे यह पूरा बेल्ट वन्यजीवों के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। गौरतलब है कि साल 2017 में भी चिड़ियापुर इलाके में इसी तरह एक बाघ को जहर देकर मारने का मामला सामने आया था।

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