Harak Singh Rawat Statement : उत्तराखंड चुनाव से पहले हरक सिंह रावत का बड़ा बयान, मैदानी सीट से ठोक सकते हैं ताल – Doon Horizon

Harak Singh Rawat Statement : उत्तराखंड चुनाव से पहले हरक सिंह रावत का बड़ा बयान, मैदानी सीट से ठोक सकते हैं ताल – Doon Horizon


उत्तराखंड के वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत ने आगामी विधानसभा चुनाव मैदानी सीट से लड़ने के संकेत देकर पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज कर दी है। उन्होंने पर्वतीय सीटों को युवाओं के लिए छोड़ने की वकालत करते हुए कहा है कि वह अगले दो हफ्तों में अपनी पसंद की सीट तय कर लेंगे।

देहरादून, 21 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने अपनी चुनावी सीट को लेकर बड़ा बयान दिया है। हरक सिंह ने संकेत दिए हैं कि इस बार वह किसी पर्वतीय क्षेत्र के बजाय मैदानी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरना चाहते हैं। उनके इस बयान के बाद देहरादून से लेकर दिल्ली तक कांग्रेस के भीतर नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

पार्टी नेतृत्व आगामी चुनाव के मद्देनजर जब वरिष्ठ नेताओं से उनकी पसंद और रणनीति पर राय ले रहा है, ठीक उसी समय हरक सिंह रावत ने अपनी यह इच्छा सामने रखी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले एक से दो सप्ताह के भीतर वह खुद तय कर लेंगे कि उन्हें किस सीट से चुनाव लड़ना है, जिसके बाद वह अपनी पसंद पार्टी हाईकमान के सामने रखेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि टिकट को लेकर अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व ही करेगा।

वरिष्ठ नेताओं को मैदान और युवाओं को पहाड़ देने का तर्क

अपनी इस नई सियासी रणनीति के पीछे हरक सिंह रावत ने उम्र और अनुभव का हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि 60 वर्ष की उम्र पार करने और जीवन के लंबे राजनीतिक अनुभव के बाद अब वह मैदानी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं। उनका तर्क है कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में राज्य के लगभग हर पर्वतीय जिले में सक्रियता दिखाई है और विभिन्न पहाड़ी सीटों से चुनाव लड़ा है। अब समय आ गया है कि पर्वतीय सीटों पर युवाओं को मौका दिया जाए और वरिष्ठ नेताओं को मैदानी क्षेत्रों की कमान संभालनी चाहिए।

डोईवाला और धर्मपुर सीटों पर टिकी नजरें

राजनीतिक गलियारों में हरक सिंह रावत के इस बयान को देहरादून और आसपास की प्रभावशाली मैदानी सीटों से जोड़कर देखा जा रहा है। सियासी विश्लेषकों के अनुसार, उनकी नजर मुख्य रूप से डोईवाला और धर्मपुर जैसी महत्वपूर्ण मैदानी सीटों पर हो सकती है। इसके साथ ही हरक सिंह ने यह भी दावा किया कि उन्हें कोटद्वार, रुद्रप्रयाग और केदारनाथ जैसी पुरानी सीटों से भी स्थानीय नेताओं और समर्थकों की तरफ से चुनाव लड़ने के लगातार आमंत्रण मिल रहे हैं।

स्थानीय दावेदारों की बढ़ी चिंता, संगठन फूंक-फूंक कर रख रहा कदम

हरक सिंह रावत के कई सीटों पर एक साथ दावेदारी के संकेत देने से उन स्थानीय कांग्रेस नेताओं की चिंता बढ़ गई है, जो लंबे समय से इन क्षेत्रों में चुनावी जमीन तैयार कर रहे हैं। कोटद्वार और रुद्रप्रयाग जैसी सीटों पर उनका नाम आने से टिकट के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। इस बीच, कांग्रेस संगठन चुनाव से पहले किसी भी तरह के अंतर्विरोध या गुटबाजी से बचने की कोशिश कर रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने संतुलित रुख अपनाया है। उन्होंने पुष्टि की कि पार्टी ने आंतरिक संवाद के तहत हरक सिंह रावत से उनकी चुनावी इच्छा जानने का प्रयास किया था। गोदियाल ने कहा कि हरक सिंह रावत पार्टी के वरिष्ठ और बेहद अनुभवी नेता हैं। उनकी इच्छा और सुझावों पर पार्टी के भीतर गहराई से चर्चा की जाएगी। टिकट वितरण का अंतिम निर्णय सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक प्रक्रिया के जरिए ही लिया जाएगा।

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