सावधान! विदेश भेजने के नाम पर युवाओं को ठग रहे हैं उत्तराखंड के ये 14 ‘कबूतरबाज’, मंत्रालय ने जारी की लिस्ट – Doon Horizon

सावधान! विदेश भेजने के नाम पर युवाओं को ठग रहे हैं उत्तराखंड के ये 14 ‘कबूतरबाज’, मंत्रालय ने जारी की लिस्ट – Doon Horizon


विदेश मंत्रालय (MEA) ने उत्तराखंड में सक्रिय 14 फर्जी प्लेसमेंट एजेंसियों और व्यक्तिगत एजेंटों को चिन्हित कर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर ब्लैकलिस्ट किया है। इनपुट मिलते ही उत्तराखंड एसटीएफ ने इन सभी संदिग्ध संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए विस्तृत ब्योरा जुटाना शुरू कर दिया है।

देहरादून, 12 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। विदेश में नौकरी दिलाने और बेहतर भविष्य का झांसा देकर युवाओं की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले ‘कबूतरबाजों’ पर विदेश मंत्रालय ने बड़ी स्ट्राइक की है।

मंत्रालय ने उत्तराखंड में सक्रिय 14 ऐसे एजेंटों और प्लेसमेंट एजेंसियों को चिन्हित किया है जो बिना वैध लाइसेंस या फर्जी तरीके से युवाओं को विदेश भेजने का कारोबार कर रहे थे। मंत्रालय की इस कार्रवाई के बाद अब उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) भी एक्शन मोड में आ गई है।

चिन्हित की गई इन एजेंसियों के जाल में फंसकर कई युवक विदेश तो चले गए, लेकिन वहां उनके पास न तो वादे के मुताबिक काम था और न ही रहने का ठिकाना। जब पीड़ितों की शिकायतें केंद्र तक पहुंची, तब मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर इन 14 नामों की सूची अपडेट करते हुए युवाओं को इनसे बचने की सलाह दी है।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक, इन सभी एजेंसियों के खिलाफ मंत्रालय में दर्ज शिकायतों का पूरा विवरण मांगा गया है, जिसके आधार पर जल्द ही संचालकों की गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

जमीनी पड़ताल में बंद मिले कई दफ्तर, कहीं चल रहा था काम

मंत्रालय की सूची में शामिल संस्थानों की पड़ताल करने पर चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। देहरादून के बल्लीवाला स्थित ‘फास्ट ट्रैक ओवरसीज इंडिया’ का दफ्तर वर्तमान में बंद है; बताया जा रहा है कि यहां पहले ठगी के शिकार युवाओं ने काफी हंगामा किया था।

वहीं, राजपुर रोड पर ‘जीबीसी सॉल्यूशन’ और काशीपुर में ‘इनफीवे इमीग्रेशन आईलेट्स’ जैसे संस्थान अभी भी संचालित हो रहे हैं, जहां विदेश भेजने का दावा किया जा रहा है। रुद्रपुर के आवास विकास में ‘अब्रॉड जॉब वाला’ का सेंटर बंद हो चुका है, जबकि गाबा चौक पर ‘गैलेक्सी ओवरसीज’ का काम जारी है। रामनगर में तो मंत्रालय की सूची में दर्ज कंपनी का पता ही फर्जी मिला, जहां ऑफिस के बजाय रिहायशी इलाका है।

इन 14 संदिग्धों पर है प्रशासन की नजर

विदेश मंत्रालय द्वारा जारी सूची में उत्तराखंड के निम्नलिखित संस्थान और व्यक्ति शामिल हैं:

  • इनफीवे इमीग्रेशन आईलेट्स, काशीपुर
  • अब्रॉड जॉब वाला, आवास विकास, रुद्रपुर
  • गैलेक्सी ओवरसीज, गाबा चौक, रुद्रपुर
  • फास्ट ट्रैक ओवरसीज इंडिया, कांवली रोड, देहरादून
  • केजी एंटरप्राइज, रामनगर, रुड़की
  • एजेंट दानिश, शाहरुख और सैफ (निवासी शिवलालपुर, रामनगर)
  • शशि प्रिटोरियस, देहरादून
  • जखीर और हकुम (निवासी लक्सर, हरिद्वार)
  • साजिद अली, उत्तराखंड
  • विमरो इंटरनेशनल, श्यामपुर बाईपास, ऋषिकेश
  • जीबीसी सॉल्यूशंस, राजपुर रोड, देहरादून
  • गुड्डू, उत्तराखंड
  • फारूक, उत्तराखंड
  • सब्बू, उत्तराखंड

एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त कार्रवाई

मंत्रालय से इनपुट मिलने के बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। एसटीएफ अब इन कंपनियों के ठगी के तौर-तरीकों और उनके वित्तीय लेन-देन की रिपोर्ट तैयार कर रही है। एसएसपी अजय सिंह ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही मंत्रालय से शिकायतों का पूरा ब्योरा प्राप्त होगा, इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सघन जांच शुरू की जाएगी। फिलहाल स्थानीय पुलिस ने अपने स्तर पर इन दफ्तरों की कुंडली खंगालनी और संचालकों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू कर दी है।

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