PM Modi ने हैदराबाद में जीता सबका दिल,शादी में बाधा न �

PM Modi ने हैदराबाद में जीता सबका दिल,शादी में बाधा न �


PM Narendra Modi  ने अपने हैदराबाद दौरे के दौरान एक बार फिर संवेदनशीलता और मानवीयता की मिसाल पेश की। उनके एक फैसले ने न सिर्फ एक परिवार की बड़ी परेशानी टाल दी, बल्कि हजारों लोगों का दिल भी जीत लिया।

दरअसल, प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर जिस स्थान पर उतरने वाला था, उसी जगह पहले से एक भव्य शादी समारोह आयोजित होना तय था। जैसे ही पीएम मोदी को इस बारे में जानकारी मिली, उन्होंने तुरंत अपने कार्यक्रम में बदलाव करने का फैसला लिया ताकि विवाह समारोह में किसी तरह की रुकावट न आए।

शादी समारोह के कारण बदला गया कार्यक्रम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हेलीकॉप्टर हैदराबाद के हाईटेक्स/एचआईसीसी (HiTex/HICC) मैदान में उतरना निर्धारित था। लेकिन शहर पहुंचने के बाद उन्हें जानकारी दी गई कि उसी स्थान पर बीआरएस एमएलसी एम.सी. कोटि रेड्डी के पुत्र जीत रेड्डी और कराईकल की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) लक्ष्मी सौजन्या का विवाह समारोह आयोजित होने वाला है।

इस शादी में करीब 5,000 मेहमानों को पहले से निमंत्रण भेजा जा चुका था। प्रधानमंत्री के आगमन के चलते लागू होने वाले सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल और बैरिकेडिंग से विवाह समारोह में शामिल होने वाले लोगों को काफी परेशानी हो सकती थी।

सड़क मार्ग से तय किया 18 किलोमीटर का सफर

स्थिति को समझते हुए पीएम मोदी ने हेलीकॉप्टर से उसी स्थान पर उतरने का विचार छोड़ दिया। इसके बजाय उन्होंने लगभग 18 किलोमीटर की दूरी सड़क मार्ग से तय करने का फैसला लिया।

प्रधानमंत्री के इस निर्णय से शादी समारोह बिना किसी बाधा के सुचारू रूप से संपन्न हो सका। परिवार को अंतिम समय में होने वाली अफरा-तफरी और तनाव से भी राहत मिली। मेहमान भी बिना किसी दिक्कत के समारोह में शामिल हो सके।

लोगों ने की फैसले की सराहना

प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम की सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में जमकर चर्चा हो रही है। लोग इसे उनके मानवीय और संवेदनशील व्यक्तित्व का उदाहरण बता रहे हैं।

कई लोगों का कहना है कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठा व्यक्ति जब आम नागरिकों की खुशियों और सुविधाओं का ध्यान रखता है, तो यह जनता के प्रति उसकी संवेदनशीलता को दर्शाता है।

जनहित को प्राथमिकता देने का संदेश

पीएम मोदी का यह फैसला इस बात का उदाहरण माना जा रहा है कि उनके लिए जनहित और लोगों की भावनाएं सर्वोपरि हैं। एक परिवार के सबसे खास दिन को प्रभावित होने से बचाने के लिए उन्होंने लंबा रास्ता चुनना बेहतर समझा।

उनके इस फैसले ने यह संदेश भी दिया कि संवेदनशील नेतृत्व सिर्फ बड़े फैसलों से नहीं, बल्कि छोटी-छोटी मानवीय बातों से भी पहचाना जाता है।



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