देहरादून में ‘बोट ब्रो’ नामक कंपनी द्वारा निवेशकों को हर महीने 5 से 10 फीसदी मुनाफा देने का झांसा देकर करीब 25 करोड़ रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। रायपुर थाना पुलिस ने इस संबंध में मुख्य आरोपी नवीन सिंह नेगी सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
देहरादून, 16 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की राजधानी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का एक और बड़ा मामला उजागर हुआ है। शहर में पूर्व में हुए एलयूसीसी (LUCC Scam Dehradun) घोटाले की तर्ज पर इस बार ‘बोट ब्रो क्रॉस मार्केट माइन क्रिप्टो’ नामक कंपनी ने पैर पसारे। निवेशकों को हर महीने 5 से 10 फीसदी तक का मोटा मुनाफा देने का लालच देकर करीब 25 करोड़ रुपये हड़प लिए गए हैं।
इस बड़ी ठगी को लेकर रायपुर थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी नवीन सिंह नेगी और उसके पांच सहयोगियों के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अनियमित जमा योजनाओं पर प्रतिबंध अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह का मुख्य सूत्रधार करीब तीन महीने पहले ही देश छोड़कर विदेश भाग चुका है।
बड़े होटलों में सेमिनार कर बुना जाल
रायपुर थाना प्रभारी संजीत कुमार ने बताया कि किद्दूवाला निवासी दुर्गा बहादुर गुरुंग की तहरीर पर यह कार्रवाई की गई है। पीड़ित के मुताबिक, आरोपी नवीन सिंह नेगी ने दो साल पहले इस कंपनी को पूरी तरह वैध बताते हुए निवेश के लिए प्रेरित किया था।
जालसाजों ने निवेशकों को झांसे में लेने के लिए देहरादून के कई नामी होटलों में बकायदा सेमिनार और ऑनलाइन मीटिंग्स आयोजित की थीं। इसके अलावा, व्यक्तिगत गारंटी देते हुए दावा किया गया था कि छह महीने पूरे होने पर निवेशक बिना किसी कटौती के अपनी मूल राशि वापस निकाल सकते हैं। निवेश प्रक्रिया शुरू करने के नाम पर प्रत्येक व्यक्ति से बिजनेस आईडी और 10 हजार रुपये का लाइसेंस शुल्क भी वसूला गया।
जमीन और पोस्ट डेटेड चेक का दिया झांसा
विश्वास जीतने के लिए शुरुआत में निवेशकों को उत्तर प्रदेश के बिहारीगढ़ में प्लॉट देने और आगामी तारीखों (पोस्ट डेटेड) के चेक देने का भरोसा भी दिलाया गया था, जो बाद में महज एक छलावा साबित हुआ। पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि अक्टूबर 2025 में कंपनी ने अचानक अपना कामकाज बंद कर दिया। जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगी, तो आरोपी कुछ समय में भुगतान करने का दिलासा देते हुए टालमटोल करते रहे।
देहरादून के इन इलाकों में फैले पीड़ित
इस ठगी का दायरा काफी बड़ा है। रायपुर के अलावा नथुवावाला, बालावाला, अजबपुर कलां और गढ़ी कैंट जैसे क्षेत्रों के निवासी भी इस झांसे में आकर अपनी गाढ़ी कमाई गंवा चुके हैं। पुलिस को अंदेशा है कि जैसे-जैसे तफ्तीश आगे बढ़ेगी, पीड़ितों की संख्या और ठगी का यह आंकड़ा अन्य जिलों तक भी पहुंच सकता है। शुरुआती अनुमानों में यह घोटाला 20 से 25 करोड़ रुपये का नजर आ रहा है, लेकिन राज्य स्तर पर जांच होने पर इसके और बढ़ने की संभावना है।
इन आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, धोखाधड़ी और अवैध स्कीम चलाने के मामले में जिन छह लोगों को नामजद किया गया है, उनके विवरण इस प्रकार हैं:
- नवीन सिंह नेगी (मुख्य आरोपी) – निवासी: सिद्ध विनायक कॉलोनी, रायपुर (विदेश फरार)
- दीपेश देवरानी – निवासी: बालावाला
- जगपाल सिंह सजवाण – निवासी: गुलरघाटी
- सुरेंद्र प्रसाद कोटवाल – निवासी: रायपुर
- अनिल कुमार परदेशी – निवासी: चुक्खू मोहल्ला
- कमल सिंह रावत – निवासी: नकरौंदा
देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों (Latest Hindi News) के लिए जुड़े रहें Doon Horizon के साथ। राजनीति (Politics), खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुड़े हर लाइव अपडेट (Live Updates) और ब्रेकिंग न्यूज़ (Breaking News in Hindi) सबसे पहले पाएं। पढ़िए आपके काम की हर बड़ी खबर, सिर्फ एक क्लिक पर।
