Govindpuri double murder case: दक्षिणी दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में मां और बेटे की हत्या के मामले ने पूरे इलाके को हिला दिया है। पुलिस को शक है कि यह वारदात करीब 12 लाख रुपये के लालच में की गई हो सकती है। ये पैसे कमेटी के थे, जो जल्द ही विष्णु दयाल को मिलने वाले थे। फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
पांच भाइयों का परिवार
विष्णु दयाल पांच भाइयों में से एक थे। सबसे बड़े भाई राजेंद्र की कोरोना काल में मौत हो गई थी। विष्णु, दिनेश, पिंटू और सुरेश साप्ताहिक बाजार में सब्जी बेचने का काम करते थे। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के मुताबिक परिवार बेहद सीधा-सादा था और उनका किसी से कोई बड़ा झगड़ा नहीं था।
कमेटी के पैसों पर शक
जानकारी के अनुसार विष्णु कमेटी में पैसे जमा करते थे। इस व्यवस्था में कई लोग मिलकर हर महीने रकम जमा करते हैं और बारी आने पर किसी एक सदस्य को पूरी रकम दी जाती है। इस बार पैसे मिलने की बारी विष्णु की थी। बताया जा रहा है कि उन्हें करीब 12 लाख रुपये मिलने वाले थे।
फ्लैट खरीदने की थी तैयारी
करीबी लोगों का कहना है कि विष्णु इन पैसों से गोविंदपुरी इलाके में एक फ्लैट खरीदना चाहते थे। उनकी योजना फ्लैट को किराए पर देकर परिवार की अतिरिक्त आमदनी बढ़ाने की थी। पुलिस का मानना है कि कुछ करीबी लोगों को इस रकम की जानकारी थी और इसी वजह से वारदात को अंजाम दिया गया हो सकता है।
घरेलू सहायिका पर नजर
पुलिस फिलहाल कमेटी के सदस्यों, विष्णु के साथ काम करने वाले मजदूरों और घरेलू सहायिका पर नजर बनाए हुए है। परिवार वालों का आरोप है कि घटना के बाद से घरेलू सहायिका का फोन बंद आ रहा है, जिससे शक और गहरा गया है। पुलिस अब उससे संपर्क करने की कोशिश कर रही है।
13 साल से रह रहा था परिवार
विष्णु दयाल करीब 13 साल पहले गली नंबर 9 और 10 को जोड़ने वाली गली में बने मकान में फ्लैट लेकर रहने आए थे। वह अपनी पत्नी शारदा और बेटे खुशहाल के साथ वहीं रहते थे। खुशहाल पास के संत निरंकारी स्कूल में सातवीं कक्षा का छात्र था।
बहन ने पुलिस पर लगाए आरोप
विष्णु की बड़ी बहन गुड़िया ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि पीसीआर कॉल करने के बाद भी पुलिस काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंची। बाद में गुड़िया खुद सड़क पर पहुंचीं और गुजर रही पीसीआर वैन को रोककर घटना की जानकारी दी।
थाने भेजने का आरोप
परिवार का आरोप है कि मौके पर मदद करने के बजाय उन्हें थाने जाने के लिए कहा गया। इसके बाद गुड़िया अपने बेटे के साथ गोविंदपुरी थाने पहुंचीं और शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
पुलिस ने दिया भरोसा
संयुक्त पुलिस आयुक्त Vijay Kumar को जब मामले की जानकारी दी गई तो उन्होंने कहा कि केस को जल्द सुलझाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही पुलिस रिस्पांस सिस्टम को भी बेहतर बनाने की बात कही गई।
