Lucknow में शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया। यूपी यातायात पुलिस की ओर से शुरू किए गए ‘ऑपरेशन मीट एंड ग्रीट’ के तहत सिर्फ दो रातों में 2654 लोग ड्रिंक एंड ड्राइव करते हुए पकड़े गए। इन सभी चालकों पर कुल 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया।
69 हजार से ज्यादा वाहनों की जांच
जानकारी के मुताबिक 9 और 10 मई की रात को चले इस विशेष अभियान में लखनऊ के 135 टोल प्लाजा और प्रमुख मार्गों पर सघन जांच की गई। इस दौरान कुल 69,683 वाहनों की चेकिंग की गई। जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे चालक मिले जो शराब के नशे में वाहन चला रहे थे।
डीजीपी के निर्देश पर चला अभियान
यह विशेष अभियान डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर चलाया गया। एडीजी यातायात ए. सतीश गणेश ने बताया कि शनिवार और रविवार की रातों में सड़क हादसों में शराब पीकर वाहन चलाने के मामले अधिक सामने आते हैं, इसलिए विशेष निगरानी रखी गई।
हर लेन पर तैनात थीं विशेष टीमें
अभियान के दौरान टोल प्लाजा की हर लेन पर अलग-अलग जांच टीमें तैनात की गई थीं। पुलिसकर्मियों को ब्रेथ एनालाइजर, बॉडी वॉर्न कैमरा और रिफ्लेक्टिव जैकेट उपलब्ध कराए गए थे ताकि जांच पारदर्शी और प्रभावी तरीके से की जा सके।
महिला पुलिसकर्मियों ने भी निभाई जिम्मेदारी
अभियान में महिला पुलिसकर्मियों की भी अहम भूमिका रही। उन्होंने परिवार के साथ यात्रा कर रही महिलाओं से बातचीत कर उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम की जानकारी ली। इसके अलावा डंपर और ट्रकों की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट का मौके पर सत्यापन भी किया गया।
3645 पुलिसकर्मी रहे तैनात
इस अभियान को सफल बनाने के लिए यातायात पुलिस, स्थानीय पुलिस और होमगार्ड के कुल 3645 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। अधिकारियों के मुताबिक यह अभियान आगे भी जारी रहेगा ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके।
शराब पीकर गाड़ी चलाने पर क्या है सजा?
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शराब पीकर वाहन चलाना मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत दंडनीय अपराध है। पहली बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या छह महीने तक की जेल हो सकती है। वहीं दूसरी बार ऐसा करते पकड़े जाने पर 15 हजार रुपये तक जुर्माना और दो साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
