खरीद और बिक्री का नया डिजिटल तरीका शुरू किया है। इसे इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट यानी EGR नाम दिया गया है। इस नई व्यवस्था का मकसद सोने के कारोबार को ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाना है। अगर आसान भाषा में समझें, तो EGR सोने की डिजिटल रसीद है। यानी आपका असली सोना सरकारी मान्यता प्राप्त तिजोरी में सुरक्षित रखा जाएगा और उसकी डिजिटल रसीद आपके डीमैट अकाउंट में दिखाई देगी। ठीक वैसे ही जैसे किसी कंपनी के शेयर डीमैट खाते में दिखाई देते हैं।
कैसे काम करती है ईजीआर व्यवस्था?
इस सिस्टम में सबसे पहले असली सोना SEBI से मान्यता प्राप्त तिजोरी में जमा कराया जाता है। वहां सोने की शुद्धता और वजन की पूरी जांच होती है। जांच पूरी होने के बाद उसी हिसाब से ईजीआर यूनिट आपके डीमैट अकाउंट में ट्रांसफर कर दी जाती हैं। इसके बाद इन यूनिट्स को शेयरों की तरह एक्सचेंज पर खरीदा और बेचा जा सकता है। ट्रेडिंग का समय सोमवार से शुक्रवार सुबह 9 बजे से रात 11:30 बजे तक रखा गया है। खरीद-बिक्री के बाद अगले कारोबारी दिन पैसों का हिसाब पूरा हो जाता है।
छोटे निवेशक भी कर सकेंगे खरीदारी
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत यह है कि निवेशक को पूरा किलो या 10 ग्राम सोना खरीदने की जरूरत नहीं होगी। लोग 100 मिलीग्राम से लेकर 1 किलो तक की यूनिट में सोना खरीद सकेंगे। सोना 999 यानी 24 कैरेट और 995 शुद्धता में उपलब्ध होगा। चूंकि सोना मान्यता प्राप्त तिजोरी में सुरक्षित रखा जाएगा, इसलिए मिलावट या नकली सोने का डर भी नहीं रहेगा। साथ ही इसमें कोई मेकिंग चार्ज भी नहीं देना होगा।
जरूरत पड़ने पर मिलेगा असली सोना
अगर कोई निवेशक चाहे तो वह बाद में असली सोना भी ले सकता है। इसके लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच रिक्वेस्ट देनी होगी। यह रिक्वेस्ट तीन दिन तक मान्य रहेगी। इसके बाद डिजिटल रसीद बंद हो जाएगी और ग्राहक को असली सोना मिल जाएगा। खास बात यह है कि अगर सोना मुंबई में जमा किया गया है, तब भी उसे दिल्ली, अहमदाबाद या किसी दूसरी मान्यता प्राप्त तिजोरी से निकाला जा सकता है।
कौन लोग कर सकते हैं निवेश?
इस सिस्टम में आम निवेशक, जौहरी, सोने के व्यापारी और बड़ी कंपनियां सभी हिस्सा ले सकती हैं। इसके लिए केवल डीमैट अकाउंट होना जरूरी है। साथ ही पैन कार्ड, आधार और बैंक अकाउंट के जरिए केवाईसी पूरी करनी होगी। अगर कोई व्यक्ति असली सोना अपने घर मंगवाना चाहता है, तो उस पर 3 फीसदी GST और तिजोरी का अलग चार्ज देना होगा।
पहले भी हुई थी शुरुआत
Bombay Stock Exchange ने साल 2022 में दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग के दौरान इस तरह की व्यवस्था शुरू की थी, लेकिन उसे ज्यादा सफलता नहीं मिली। अब NSE ने इसे नई तैयारी और बेहतर व्यवस्था के साथ लॉन्च किया है। भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना खरीदने वाले देशों में शामिल है। बावजूद इसके, सोने का कारोबार अभी भी कई जगहों पर बिना तय नियमों के चलता है। हर शहर में कीमत और शुद्धता अलग-अलग होती है। EGR व्यवस्था इसी परेशानी को खत्म करने की कोशिश मानी जा रही है।
