
Uber New Technology: अब खुद को सिर्फ कैब बुकिंग प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं रखना चाहता। कंपनी आने वाले समय में अपने बिजनेस मॉडल को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी में है, जहां उसके ड्राइवरों की गाड़ियां सिर्फ यात्रियों को मंजिल तक नहीं पहुंचाएंगी, बल्कि सड़कों पर चलते हुए कीमती ड्राइविंग डेटा भी जुटाएंगी।
ड्राइवर नेटवर्क बनेगा डेटा इंजन
Uber के पास दुनिया भर में लाखों ड्राइवर जुड़े हुए हैं। कंपनी की योजना है कि इन वाहनों में सेंसर आधारित सिस्टम लगाए जाएं, जो सड़क, ट्रैफिक, मौसम, मोड़, पैदल यात्रियों और अन्य वाहनों की रियल टाइम जानकारी रिकॉर्ड करेंगे।
अगर यह मॉडल बड़े पैमाने पर लागू होता है, तो Uber दुनिया का सबसे बड़ा ड्राइविंग डेटा नेटवर्क तैयार कर सकता है। अभी कंपनी अपने AV Labs प्रोग्राम के तहत सीमित संख्या में सेंसर से लैस कारों का इस्तेमाल कर रही है, लेकिन भविष्य में यह दायरा काफी बड़ा हो सकता है।
सेल्फ-ड्राइविंग कंपनियों के लिए बड़ा अवसर
ऑटोनॉमस व्हीकल इंडस्ट्री की सबसे बड़ी जरूरत है—ज्यादा और बेहतर डेटा। AI मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए वास्तविक दुनिया के लाखों ड्राइविंग सीनारियो चाहिए होते हैं।स्कूल जोन, ट्रैफिक सिग्नल, भीड़भाड़ वाले चौराहे, अचानक आने वाली बाधाएं—इन सभी परिस्थितियों का डेटा सेल्फ-ड्राइविंग टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने में मदद करता है।
AV क्लाउड और शैडो मोड पर काम
Uber एक बड़ा AV Cloud सिस्टम विकसित कर रहा है, जहां सेंसर से जुटाया गया डेटा स्टोर होगा। यह डेटा पार्टनर कंपनियों को उनके AI मॉडल्स को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
इसके अलावा कंपनी “Shadow Mode” तकनीक पर भी काम कर रही है। इसमें AI मॉडल वास्तविक यात्रा के दौरान बैकग्राउंड में चलता है, लेकिन वाहन को कंट्रोल नहीं करता। इससे कंपनियां बिना किसी जोखिम के अपने सिस्टम की क्षमता जांच सकती हैं।
प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती
इतने बड़े स्तर पर डेटा कलेक्शन के साथ प्राइवेसी बड़ा मुद्दा बन सकता है। कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रियों और ड्राइवरों की निजी जानकारी सुरक्षित रहे।
अलग-अलग देशों में डेटा सुरक्षा कानून भी अलग हैं, इसलिए Uber को हर मार्केट में नियामकीय नियमों का पालन करना होगा। कंपनी पहले से रोड डेटा प्राइवेसी फ्रेमवर्क पर काम कर रही है।
Uber के भीतर भी बढ़ रहा AI का इस्तेमाल
Uber सिर्फ बाहरी कंपनियों के लिए AI का इस्तेमाल नहीं कर रहा, बल्कि अपने अंदर भी AI आधारित सिस्टम तेजी से अपना रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी के इंजीनियर अब बड़े स्तर पर AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और कोडिंग का बड़ा हिस्सा AI-सहायता से तैयार हो रहा है। इससे कंपनी की टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट की रफ्तार बढ़ी है।




