PM Appeals During Crisis: भारत के इतिहास में कई ऐसे मौके आए हैं, जब देश आर्थिक, युद्ध या अंतरराष्ट्रीय संकटों से घिरा रहा। ऐसे समय में देश के प्रधानमंत्रियों ने सिर्फ सरकारी योजनाओं पर नहीं, बल्कि जनता के सहयोग और त्याग पर भी भरोसा जताया। कभी लोगों से एक वक्त का खाना छोड़ने की अपील हुई, तो कभी सोना दान करने की बात कही गई। अब साल 2026 में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने की अपील की है।
2026 में पीएम मोदी की नई अपील
10 मई 2026 को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने लोगों से कहा कि वे एक साल तक सोना खरीदने से बचें। उन्होंने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में सोना आयात करता है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ता है। प्रधानमंत्री ने लोगों से संकल्प लेने की अपील की कि शादी-ब्याह या किसी भी कार्यक्रम में फिलहाल सोना खरीदने से बचें।
इसके साथ ही पीएम मोदी ने पेट्रोल और डीजल का कम इस्तेमाल करने की भी सलाह दी। उन्होंने वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लास, मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, इलेक्ट्रिक वाहन और कार पूलिंग जैसे विकल्प अपनाने की बात कही। उनका कहना था कि इससे देश आर्थिक दबाव को कम करने में मदद कर सकेगा।
जब नेहरू ने भोजन छोड़ने की अपील की
भारत के पहले प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru ने भी साल 1951 में देशवासियों से सादगी अपनाने की अपील की थी। उस समय देश खाद्यान्न संकट और अकाल जैसी स्थिति का सामना कर रहा था। नेहरू ने लोगों से कहा था कि वे हफ्ते में एक बार एक वक्त का भोजन छोड़ दें, ताकि देश मुश्किल समय से बाहर निकल सके।
इसके बाद 1962 में चीन युद्ध के दौरान भी नेहरू ने देशवासियों से नेशनल डिफेंस फंड में सोना और गहने दान करने की अपील की थी। उस समय देश को हथियार और सैन्य सामान खरीदने के लिए विदेशी मुद्रा की जरूरत थी।
शास्त्री का ‘उपवास आंदोलन’
1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री Lal Bahadur Shastri ने लोगों से हफ्ते में एक दिन उपवास रखने की अपील की थी। उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो पर देश को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर लोग एक वक्त का भोजन छोड़ेंगे तो देश खाद्यान्न संकट से लड़ सकेगा। उस दौर में कई परिवारों ने सोमवार का उपवास रखना शुरू कर दिया था।
इंदिरा गांधी ने मांगा था राष्ट्रीय अनुशासन
1971 के युद्ध और बांग्लादेश से आए शरणार्थियों के संकट के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री Indira Gandhi ने देशवासियों से राष्ट्रीय अनुशासन और त्याग की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि यह समय आपसी मतभेद भूलकर देशहित में काम करने का है।
इंदिरा गांधी ने लोगों से उत्पादन बढ़ाने, परिवहन व्यवस्था मजबूत रखने और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि देश को मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक को योगदान देना होगा।
