बिहार मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना: युवाओं को मिलेगा ₹6000 तक भत्ता

बिहार मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना: युवाओं को मिलेगा ₹6000 तक भत्ता


ब्लिट्ज ब्यूरो

पटना। बिहार के युवाओं के आर्थिक स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए पटना में एक दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता-सह-उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। बिहार कौशल विकास मिशन और अवर प्रादेशिक नियोजनालय, पटना के संयुक्त तत्वावधान में नियोजन भवन स्थित प्रतिबिंब सभागार में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम का संचालन युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के सचिव के मार्गदर्शन में किया गया।

रोजगार वाली योजनाओं पर फोकस
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की प्रमुख रोजगारपरक योजनाओं प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना , मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना और राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर इनके हितधारकों को जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत जिला नियोजन पदाधिकारी के स्वागत संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने युवाओं के लिए प्रशिक्षण और इंटर्नशिप कार्यक्रमों की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं युवाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

चंदन राय ने दी मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना की जानकारी
कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों में योजनाओं की तकनीकी बारीकियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना के टीम लीडर चंदन राय ने योजना के लाभ, पात्रता और उद्योगों की भूमिका के बारे में जानकारी दी।

चंदन राय ने बताया कि बिहार सरकार की ‘मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना’ उन युवाओं के लिए है जो 12वीं, डिप्लोमा या स्नातक के बाद स्किल ट्रेनिंग लेना चाहते हैं। इस योजना के तहत उन्हें इंटर्नशिपट के दौरान मासिक भत्ता भी मिलता है।

योग्यता: 18 से 28 वर्ष की आयु के युवा।
अवधि: 3 महीने से लेकर 12 महीने तक की इंटर्नशिप।
मासिक भत्ता: 12वीं पास युवाओं को 4000 रुपये प्रति माह।
आईटीआई और डिप्लोमा धारकों को 5000 रुपये प्रति माह।
स्नातक और स्नातकोत्तर युवाओं के लिए 6000 रुपये प्रति माह।
अतिरिक्त आजीविका सहायता (3 महीने के लिए): अपने जिले से बाहर इंटर्नशिप करने पर 2000 रुपये अतिरिक्त।

बिहार से बाहर अन्य राज्य में इंटर्नशिप करने पर 5000 रुपये अतिरिक्त
वहीं, भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के सहायक रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी कुंदन कुमार ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित किया। इसके अलावा, सहायक निदेशक (प्रशिक्षण) अतुल चंद्र ने राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत प्रशिक्षुओं और नियोक्ताओं को मिलने वाली वित्तीय सहायता और पोर्टल संचालन की प्रक्रिया को समझाया।

हितधारकों की शंकाओं का समाधान
सत्र के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों ने योजनाओं से जुड़े सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने मौके पर ही समाधान किया। इससे योजनाओं के जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा स्पष्ट हुई।

अब सभी जिलों में होंगे ऐसे कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में बिहार कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक मनीष शंकर ने बताया कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों की शुरुआत पटना और जहानाबाद से की गई है। आने वाले दिनों में राज्य के सभी जिलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

उन्होंने शिक्षण संस्थानों और औद्योगिक इकाइयों से सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि ये योजनाएं युवाओं को औद्योगिक अनुभव देने और बाजार की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने में मील का पत्थर साबित होंगी। कार्यक्रम के सफल आयोजन में नोडल पदाधिकारी राजेश कुमार और जिला नियोजन पदाधिकारी की अहम भूमिका रही।



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