सीटें खाली, किराया महंगा… इस शहर से वंदे भारत क�

सीटें खाली, किराया महंगा… इस शहर से  वंदे भारत क�


उम्मीद के मुताबिक नहीं मिल रहे यात्री

गोरखपुर से प्रयागराज के बीच चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस अभी तक यात्रियों का पूरा भरोसा नहीं जीत पाई है। जहां दूसरी ट्रेनों में कन्फर्म टिकट के लिए लंबी वेटिंग चल रही है, वहीं इस सेमी हाईस्पीड ट्रेन की कई सीटें खाली रह रही हैं।

रेलवे के आंकड़ों के अनुसार गोरखपुर से प्रयागराज जाने वाली 22549 वंदे भारत में 25 से 30 प्रतिशत सीटें खाली रहती हैं। वहीं प्रयागराज से गोरखपुर आने वाली 22550 वंदे भारत में 35 से 40 प्रतिशत सीटें खाली चल रही हैं। जुलाई से सितंबर के बीच यह आंकड़ा 50 प्रतिशत तक पहुंच जाता है।

महंगा किराया बन रहा बड़ी वजह

16 कोच वाली इस ट्रेन में कुल 1125 सीटें हैं, लेकिन इसके बावजूद यात्रियों की संख्या उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रही। 11 मई को गोरखपुर से प्रयागराज जाने वाली ट्रेन में 794 यात्रियों ने सफर किया, जबकि वापसी में सिर्फ 616 यात्री ही मिले।

यात्रियों का कहना है कि वंदे भारत का किराया सामान्य ट्रेनों की तुलना में काफी महंगा है। इसके अलावा गोरखपुर से लखनऊ और प्रयागराज तक सड़क मार्ग और अन्य ट्रेनों की बेहतर कनेक्टिविटी भी लोगों को दूसरे विकल्प चुनने के लिए प्रेरित कर रही है। कुछ यात्रियों का मानना है कि ट्रेन की टाइमिंग भी सभी के लिए सुविधाजनक नहीं है।

रेलवे ने बढ़ाया था रूट

रेलवे बोर्ड ने यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए इस ट्रेन का रूट प्रयागराज तक बढ़ाया था, लेकिन इसके बाद भी खास फायदा नहीं हुआ। कई दिनों में यात्रियों की संख्या एक हजार से नीचे ही रहती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7 जुलाई 2023 को गोरखपुर जंक्शन से इस वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी।

पाटलीपुत्र वंदे भारत को मिल रहा शानदार रिस्पॉन्स

जहां गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत में सीटें खाली रह रही हैं, वहीं गोरखपुर-पाटलीपुत्र वंदे भारत को यात्रियों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। इस ट्रेन की करीब 95 प्रतिशत सीटें भरी रहती हैं और कई बार वेटिंग की स्थिति भी बन जाती है।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक गोरखपुर से बेतिया और मुजफ्फरपुर तक यह ट्रेन यात्रियों के लिए बेहतर और तेज कनेक्टिविटी का अच्छा विकल्प साबित हो रही है।



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