UP Power Demand: भीषण गर्मी से बिजली खपत ने तोड़े सारे रिकॉ�

UP Power Demand: भीषण गर्मी से बिजली खपत ने तोड़े सारे रिकॉ�


Uttar Pradesh Power Demand Record: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी ने बिजली खपत के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। तेज धूप और उमस के कारण लोग दिन-रात कूलर, पंखे और एसी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका सीधा असर बिजली की मांग पर दिखाई दे रहा है।।प्रदेश में पहली बार 24 घंटे के भीतर 669 मिलियन यूनिट यानी करीब 66.90 करोड़ यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई है। वहीं बिजली की अधिकतम मांग भी 31 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई है। बिजली विभाग का मानना है कि जून महीने में यह मांग और बढ़ सकती है।

शहर से गांव तक लोग परेशान

हालांकि सरकार और बिजली विभाग लगातार आपूर्ति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शहरों से लेकर गांवों तक कई इलाकों में तय समय के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है। सबसे बड़ी समस्या बिजली वितरण व्यवस्था में आ रहे लोकल फाल्ट हैं। कई जगहों पर ट्रांसफॉर्मर और लाइन में खराबी आने के बाद उन्हें जल्दी ठीक करने के लिए पर्याप्त कर्मचारी मौजूद नहीं हैं। यही वजह है कि लोगों को घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है।

रात में बढ़ रही कटौती

दिन के समय सौर ऊर्जा और अन्य स्रोतों के सहारे बिजली आपूर्ति किसी तरह संभाली जा रही है, लेकिन रात में स्थिति ज्यादा मुश्किल हो रही है। रात के समय मांग के अनुसार पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है। बिजली विभाग को पावर एक्सचेंज से भी जरूरत के मुताबिक बिजली नहीं मिल रही है। देशभर में बिजली की मांग बढ़ने के कारण महंगी दरों पर भी पर्याप्त बिजली खरीदना मुश्किल हो गया है। ऐसे में कई इलाकों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में रात के समय कटौती की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बुलाई बैठक

प्रदेशवासियों को हो रही परेशानियों को देखते हुए Yogi Adityanath ने ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई है। बैठक में बिजली संकट, आपूर्ति व्यवस्था और बढ़ती मांग को लेकर चर्चा होगी। सरकार का फोकस इस बात पर है कि गर्मी के मौसम में लोगों को ज्यादा से ज्यादा राहत दी जा सके। साथ ही बिजली व्यवस्था में आ रही तकनीकी समस्याओं को भी जल्द ठीक करने के निर्देश दिए जा सकते हैं।

जून में और बढ़ सकती है मांग

बिजली विभाग के अनुसार पिछले साल 12 जून को 655.9 मिलियन यूनिट बिजली खपत का रिकॉर्ड बना था, लेकिन इस बार मई महीने में ही नया रिकॉर्ड बन गया है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले दिनों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। पावर कारपोरेशन का अनुमान है कि जून में बिजली की मांग 34 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है। इसी को देखते हुए दूसरे राज्यों से बिजली खरीदने और बैंकिंग व्यवस्था के जरिए अतिरिक्त बिजली जुटाने की कोशिश की जा रही है।

विभाग का क्या दावा है

बिजली विभाग का कहना है कि महानगरों, उद्योगों और जिला मुख्यालयों को 24 घंटे बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है। नगर पंचायतों और तहसील क्षेत्रों में भी तय शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति की जा रही है। हालांकि ग्रामीण इलाकों में अब भी कटौती बड़ी समस्या बनी हुई है और लोग गर्मी के बीच लगातार परेशान हो रहे हैं।



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